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"चावल का फोर्टीफिकेशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इसका वितरण” संबंधी केन्द्रीय प्रायोजित पाइलट स्कीम

 

 

देश में एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का समाधान करने के लिए भारत सरकार ने "चावल का फोर्टीफिकेशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इसका वितरण” संबंधी केन्द्रीय प्रायोजित पाइलट स्कीम अनुमोदित की है। यह पाइलट स्कीम कुल 174.64 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ वर्ष 2019-20 में शुरू करके तीन 3 वर्ष की अवधि के लिए अनुमोदित की गई है।

 

पंद्रह राज्य सरकारों (जिलों सहित) अर्थात आंध्र प्रदेश (विजयनगरम),केरल (एर्नाकुलम), कर्नाटक (यादगिर या मैसूर),महाराष्ट्र (गढ़चिरौली), ओडिशा (मलकानगिरि), गुजरात (नर्मदा),उत्तर प्रदेश (चंदौली),असम (धुबरी), तमिलनाडु (तिरुचिरापल्ली/त्रिची), तेलंगाना (जयशंकर भूपालपल्ली), पंजाब (लुधियाना), छत्तीसगढ़ (कोंडागांव),झारखंड़ (ईस्ट सिंहभूम), उत्तराखंड (उधम सिंह नगर) और मध्य प्रदेश (सिंगरौली) ने अपनी सहमति प्रदान की है और पाइलट स्कीम के कार्यान्वयन के लिए अपने जिलों (प्रत्येक राज्य में अधिमानतएक जिला) की पहचान की है।

 

उपर्युक्त 15राज्यों में से आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, तेलंगाना, उत्तराखंड एवं मध्यप्रदेश राज्यों ने इस पाइलट स्कीम के तहत फोर्टीफाइड चावल का वितरण शुरू कर दिया है।

 

स्कीम की उद्देश्यपाइलट स्कीम के मुख्य उद्देश्य निम्नानुसार हैं:-

 

देश के 15 जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये फोर्टीफाइड चावल का वितरण  कार्यन्वयन के शुरूआती चरण में अधिमानतप्रत्येक राज्य के एक जिले में।  

एनएफएसए का कवरेज, चयनित जिलों में फोर्टीफाइड चावल के साथ पीडीएस लाभार्थी।

राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों एवं खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच अच्छे अनुभवों को साझा करना और क्रास लर्निंग को सुगम बनाना।

फोर्टीफाइड चावल के प्रावधान, कवरेज और लक्षित जनसंख्या द्वारा इसके उपयोग तथा विभिन्न आयु और लिंग समूहों में लक्षित सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमियों को कम करने में फोर्टीफाइड चावल की कार्य कुशलता और प्रभावकारिता का मूल्यांकन करना।