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राज्यों के बाहर आवाजाही और एफपीएस डीलरों के कमीशन के लिए केंद्रीय सहायता

 

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्‍नों के अंतर-राज्य संचलन और उचित दर दुकान के डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता :

 

खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 22 (4) में यह प्रावधान है कि "पात्र व्यक्तियों और परिवारों के लिए आबंटित खाद्यान्‍नों के वितरण के लिए, केन्‍द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को अंतरा-राज्य संचलन, खाद्यान्नों की हैंडलिंग और उचित दर दुकान के डीलरों को भुगतान किए जाने वाले मार्जिन पर होने वाले व्‍यय के लिए सहायता प्रदान की जाती है" उक्‍त अधिनियम के दायित्‍वों को पूरा करने के लिए वर्ष 2015 में खाद्य सुरक्षा (राज्‍यों को सहायता नियम) 2015 अधिसूचित किए गए थे। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उक्‍त प्रावधान से निर्गत "एनएफएसए के अंतर्गत खाद्यान्नों के अंतरा-राज्य संचलन और उचित दर दुकान डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता" से संबंधित स्‍कीम के अनुसार तीन घटकों में सहायता प्रदान की जाती है:- (i) अंतरा-राज्य संचलन  और खाद्यान्नों की हैंडलिंग (ii) उचित दर दुकान के डीलरों का बेसिक मार्जिन और (iii) इलेक्ट्रॉनिक प्‍वाइंट ऑफ सेल उपकरण (ईपीओएस) के माघ्‍यम से बिक्री के लिए उचित दर दुकान के डीलरों को अतिरिक्‍त मार्जिन।  

 

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अंतरा-राज्य संचलन और उचित दर दुकान के डीलरों के लिए मार्जिन का प्रावधान पहली बार किया गया है। तत्‍कालीन लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत, राज्यसरकारों को यह खर्च स्‍वयं वहन करना होता था या इसे लाभार्थियों (एएवाई लाभार्थियों के अलावा) से वसूल करेंगे। खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्‍य है (i) तय दरों पर लाभार्थियों को खाद्यान्‍नों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करना। (चावल/गेहूं/मोटे अनाज के लिए क्रमश: 3/2/1 रुपए प्रति किलोग्राम) (ii) उचित दर दुकान के डीलरों को यथोचित लाभ सुनिश्चित करके लीकेज को कम करना और खाद्यान्‍नों को अन्‍यत्र भेजना (iii) खाद्यान्‍नों के अंतर-राज्य संचलन और वितरण की कुछ लागत, जो सामान्‍य श्रेणी राज्यों को प्रदान की जाने वाली केन्‍द्रीय सहायता से अधिक स्‍तर पर हो, को वहन करके कठिन क्षेत्रों में खाद्यान्‍नों की उपलब्‍धता को सुविधाजनक बनाना  (iv)  आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली के कम्‍प्यूटरीकरण को बढ़ावा देने हेतु ई-पीओएस के लिए मार्जिन देकर लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रचालनों का एक सिरे से दूसरे सिरे तक कम्‍प्यूटरीकरण को प्रोत्‍साहित करना।

 

 

 

सामान्‍य श्रेणी राज्‍यों के संबंध में  50-50 के अनुमोदित मानदंडों के अनुसार केन्‍द्रीय सहायता प्रदान की जाती है जबकि पूर्वोत्‍तर/ पहाड़ी / द्वीपसमूह राज्‍यों के लिए केन्‍द्र सरकार द्वारा 75% लागत का वहन किया जाता है। वर्ष 2015 से लागू मौजूदा मानदंड नीचे तालिका-1 में दिए गए हैं:-

 

तालिका-1 : खाद्यान्‍नों के अंतरा-राज्य संचलन और उचित दर दुकान के डीलरों के मार्जिन के लिए केन्‍द्रीय सहायता संबंधी मानदंड

 

 

मानदंड

राज्‍यों और संघ राज्य क्षेत्रों की श्रेणी     

सामान्‍य

पूर्वोत्‍तर  राज्यहिमालय  क्षेत्र  के राज्य और  द्वीपसमूह  राज्य*

व्‍यय के मानदंड

 

(रु. प्रति क्विंटल में दर)  

अंतरा-राज्य संचलन और हैंडलिंग

65

100

उचित दर दुकान डीलरों का मार्जिन (बेसि)   

70

143

-पीओएस उपकरणों के माघ्‍यम से बिक्री के लिए मार्जिन 

17

17

केन्‍द्रीय अंश (प्रतिशत में)

50

75

 

* पूर्वोत्‍तर  राज्‍योंहिमालय  क्षेत्र  के राज्य और  द्वीपसमूह  राज्‍यों  में  अरूणाचल प्रदेश, असमहिमाचल  प्रदेशजम्मू  कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किमत्रिपुरा, उत्‍तराखंडअंडमान और  निकोबार द्वीपसमूह  और  लक्षद्वीप  शामिल हैं।  सामान्‍य  श्रेणी राज्‍यों में सभी अन्‍य राज्य / संघ राज्य क्षेत्र सम्मिलित हैं।

 

इस योजना के अंतर्गत बजटीय परिव्‍यय / वास्‍तविक व्‍यय को तालिका 2 में नीचे दर्शाया गया है।

 

 

 

तालिका 2 : व्‍यय की  स्थिति

 

स्‍कीम

केन्द्रीय सहायता पैटर्न

2015-16

2016-17

2017-18

2018-19

2019-20

(बजट अनुमान)

 

करोड़  रुपए

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्नों के अंतरा- राज्य संचलन और उचित दर दुकान के डीलरों की कमीशन के लिए सहायता

वर्तमान स्थिति :

50% : सामान्‍य श्रेणी

75% :  विशेष श्रेणी 

2.13

2500

4500

3883.94

4102.21

(262)*

 

* 31 जुलाई, 2019 तक का व्‍यय  

 

अंतरा- राज्य संचलन और उचित दर दुकान के डीलरों की कमीशन के लिए केन्‍द्रीय सहायता

 

* अंतरा- राज्य संचलन और हैंडलिंग के लिए केन्‍द्र सरकार द्वारा जारी वित्‍तीय सहायता के लिए स्‍वीकृति आदेश।