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खुला बाजार बिक्री योजना (घरेलू)

भारतीय खाद्य निगम कमी वाले मौसम के दौरान खाद्यान्नों, विशेष रूप से गेहूं की आपूर्ति में वृद्धि करने और इस प्रकार कमी वाले क्षेत्रों में खुले बाजार में मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए पूर्व-निर्धारित दरों पर ई-नीलामी के माध्यम से खुला बाजार बिक्री योजना (घरेलू के अंतर्गत गेहूं और( चावल अधिशेष स्टॉक की बिक्री करता है। वर्ष 2019-20 में खुला बाजार बिक्री योजना (घरेलू) के अंतर्गत, गेहूं और ग्रेड '' चावल की बिक्री के लिए 100 LMT और 50 LMT की मात्रा निर्धारित की गई है

लिंक खुला बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) नीति, 2019-20

क्षतिग्रस्त खाद्यान्नो का निपटान

एफएसएसआई के मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले खाद्यान्न और जिन्हें सामान्य रूप से जारी करने के लिए रिकंडीशन नहीं किया जा सकता ऐसे खाद्यान्न को "जारी न करने योग्य/ क्षतिग्रस्त” माना जाता है। विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत वर्गीकृत जारी न करने योग्य खाद्यान्न का निपटान प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। भारतीय खाद्य निगम तथा राज्य एजंसियों के पास जारी न करने योग्य खाद्यान्नों का नए सिरे से आबंटन और बिक्री केवल वास्तविक रूप से पंजीकृत पार्टियों द्वारा की जाती है ताकि जारी न करने योग्य खाद्यान्नों को बाज़ार में परिचालित होने से रोका जा सके ।

लिंक क्षतिग्रस्त खाद्यान्नो का निपटान हेतु दिशा-निर्देश