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परिवर्तित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (आरपीडीएस)


 

      परिवर्तित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने और सुप्रवाही बनाने और इसकी पहुंच में दूर-दराज, पहाड़ी, सुदूरवर्ती और दुर्गम क्षेत्रों जहां गरीबों की बड़ी आबादी रहती है, तक सुधार करने की दृष्टि से जून, 1992 में शुरू की गई थी। इसमें 1775 ब्लॉकों को कवर किया गया था, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली के इंफ्रास्ट्रक्चर के सुधार के मामले में सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम, एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना, मरूस्थल विकास कार्यक्रम और विशेष लक्ष्य हेतु राज्य सरकारों के परामर्श से पहचान किए गए कुछ निर्दिष्ट पहाड़ी क्षेत्र जैसे क्षेत्र-विशिष्ट कार्यक्रमों की पहचान की गई है। परिवर्तित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण हेतु खाद्यान्न केंद्रीय निर्गम मूल्य से 50 पैसे कम मूल्य पर जारी किए गए थे। निर्गम की मात्रा 20 किलोग्राम प्रति कार्ड तक थी।

 

      परिवर्तित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पीडीएस जिन्सों की प्रभावी पहुंच करने सुनिश्चित करने, राज्य सरकारों द्वारा पहचान किए गए क्षेत्रों में उचित दर दुकानों द्वार तक उनकी सुपुर्दगी, छोड़ दिए गए परिवारों को राशन कार्ड जारी करने, अतिरिक्त उचित दर दुकानों, भंडारण क्षमता आदि जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी आवश्यकताओं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकानों के जरिए वितरण हेतु चाय, नमक, दाल, साबुन आदि जैसे अतिरिक्त वस्तुओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र आधारित दृष्टिकोण शामिल था।