• पिछला अद्यतनीकृतः: 03 दिसम्बर 2018
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निजी उद्यमी गारंटी (पीईजी) स्कीम – पीपीपी पद्धति से गोदामों का निर्माण

निजी उद्यमी गारंटी (पीईजी) स्कीम की प्रमुख विशेषताएँ निम्नानुसार हैं:-

  • यह स्कीम सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) पद्धति से निजी निवेशकों और केंद्रीय भंडारण निगम/राज्‍य भंडारण निगमों/अन्‍य राज्‍य एजेंसियों के माध्‍यम से कार्यान्‍वित की जाती है।
  • निवेश और निर्माण कार्य सार्वजनिक-निजी-भागीदारी के भागीदारों द्वारा किया जाता है। निवेश के लिए रिटर्न के रूप में भारतीय खाद्य निगम निजी पार्टियों द्वारा निर्मित गोदामों को 10 वर्ष के लिए किराए पर लेने की गारण्‍टी देता है। केंद्रीय भंडारण निगम/राज्‍य भंडारण निगमों के लिए गारण्‍टी की अवधि 9 वर्ष है।
  • गोदामों के स्‍थान और क्षमता का निर्णय भंडारण की आवश्‍यकताओं के अनुसार राज्‍य स्‍तरीय समितियों द्वारा किया जाता है और उसका अंतिम रूप से अनुमोदन अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, भारतीय खाद्य निगम की अध्‍यक्षता में गठित उच्‍च स्‍तरीय समिति (एचएलसी) द्वारा किया जाता है।
  • गोदाम के लिए न्‍यूनतम क्षमता समतल क्षेत्रों में 5000 टन तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 1670 टन है। 5000 टन और उससे अधिक की क्षमता वाले गोदाम प्राथमिक रूप से सम्‍पूर्ण रैक क्षमता वाले रेलवे के माल शैड/खरीद मण्‍डी से 8 किलोमीटर के भीतर होने चाहिए। 25,000 टन और उससे अधिक की क्षमता वाले गोदाम प्राथमिक रूप से रेलवे साइडिंग के साथ होने चाहिए। सभी गोदाम राष्‍ट्रीय/राज्‍य राजमार्गों के निकट होने चाहिए।
  • गोदामों का निर्माण भारतीय खाद्य निगम द्वारा निर्धारित विनिर्दिष्‍टियों के अनुसार होना चाहिए। निर्माण के अलावा भागीदार को भारतीय खाद्य निगम की आवश्‍यकता के अनुसार सुरक्षा और परिरक्षण जैसी सेवाएं भी मुहैया करानी चाहिए। .
  • रेलवे साइडिंग रहित गोदामों के लिए निर्माण की अवधि की अनुमति सामान्‍यत: एक वर्ष तथा रेलवे साइडिंग युक्‍त गोदामों के लिए दो वर्ष होती है। निर्माण में एक वर्ष तक विलम्‍ब की अनुमति गारण्‍टी की अवधि में समान कमी करते हुए प्रदान की जा सकती है तथा एक वर्ष से अधिक विलम्‍ब की स्‍थिति में करार रद्द किया जा सकता है।
  • निजी पार्टी का चयन खुले विज्ञापन और दो चरणों वाली निविदा प्रक्रिया के माध्‍यम से किया जाता है।
  • निजी पार्टी कोई भी व्‍यक्‍ति अथवा साझेदारी फर्म अथवा कंपनी अथवा ट्रस्‍ट हो सकता है, जिसके पास ऐसे स्‍थान पर, जहां गोदाम का निर्माण किया जाना है, अपने स्‍वामित्‍व की भूमि होनी चाहिए। ऐसा व्‍यक्‍ति भी आवेदन कर सकता है, जिसके पास गोदाम का निर्माण करने के लिए 13 वर्षों की न्‍यूनतम अवधि के लिए पंजीकृत लीज के साथ भूमि उपलब्‍ध है। कोई पार्टी जिसके पास अपनी भूमि नहीं है, लेकिन स्‍वीकृति पत्र की तारीख से 120 दिनों के भीतर भूमि अधिग्रहण का इरादा रखती है, अतिरिक्‍त बयाना राशि (ईएमडी) और 100.00 रुपए प्रति टन की दर से अनुपूरक बैंक गारंटी प्रस्‍तुत करते हुए आवेदन कर सकती है।