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 केन्द्रीय भंडारण निगम

 

केन्द्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी), अनुसूची-'' मिनी रत्न, श्रेणी-। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम   (सीपीएसई) है जो संवैधानिक निकाय है और जो 'वेअरहाउसिंग कॉरपोरेशन अधिनियम, 1962 के तहत स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य सामाजिक तौर पर उत्तरदायी एवं पर्यावरण अनुकूल रूप से  विश्वसनीय, लागत प्रभावी, मूल्य वर्धित, एकीकृत भंडारण तथा लॉजिस्टिक समाधान प्रदान करना है।

 

केन्द्रीय भंडारण निगम की अधिकृत पूंजी एवं कुल प्रदत्त पूंजी क्रमश: 100 करोड़ रुपये तथा 68.02 करोड़ रुपये है।

 

वर्ष 2021-22 का टर्नओवर पिछले वर्ष के टर्नओवर 2168.13 करोड़ रुपये की तुलना में  2232.20 करोड़ रुपये रहा। वर्ष 2021-22 में कर पूर्व लाभ पिछले वर्ष कर पूर्व लाभ 565.55 करोड़ रुपये की तुलना में 589.73 करोड़ रुपये रहा। वर्ष 2021-22 में कर पश्चात् लाभ पिछले वर्ष के कर पश्चात् लाभ 438.17 करोड़ रुपये की तुलना में 450.56 करोड़ रुपये रहा।

 

निगम ने वर्ष 2021-22 के दौरान अपने अंशधारियों को 180.97 करोड़ रुपये के कुल लाभांश का भुगतान किया जिसमें बोर्ड द्वारा अनुमोदित वर्ष 2021-22 के लिए अंतरिम लाभांश 127.12 करोड़ रुपये तथा 15.91 करोड़ (वित्त वर्ष 2020-21), 6.80 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2019-20) का अंतिम लाभांश तथा वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 31.14 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभांश शामिल है। वर्ष के दौरान इन वित्तीय वर्षों के लिए भारत सरकार को कुल 99.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

 

 सैंट्रल रेलसाइड वेअरहाउसिंग कॉरपोरेशन (सीआरडब्ल्यूसी) एवं केन्द्रीय भंडारण निगम ने 28 अक्तूबर, 2022  ("बीटीए") को बिजनेस ट्रांसफर समझौता निष्पादित किया है, जिसके तहत 31 अक्तूबर, 2022 से इस व्यावसायिक उपक्रम को केन्द्रीय भंडारण निगम में स्थानांतरित कर दिया गया है।

 

केन्द्रीय भंडारण निगम एक प्रमुख वेअरहाउसिंग एजेंसी के रूप में कुल 106.49 लाख मी.टन (आरडब्ल्यूसी 2.58 लाख मी.टन) प्रचालन भंडारण क्षमता सहित दिनांक 31.12.2022 तक 458 वेअरहाउस (20 आरडब्ल्यूसी वेअरहाउसों सहित) चला रहा है जिसमें 39 कस्टम बॉन्डेड वेअरहाउस, 21 कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) / इनलैंड क्लीयरेंस डिपो (आईसीडी), 1 एअर कार्गो कॉम्प्लेक्स (एसीसी) तथा 1 वातानुकूलित वेअरहाउस, 1 इंटीग्रेटिड चेक पोस्ट (आईसीपी) शामिल हैं। निगम क्लीयरिंग एवं फारवर्डिंग, हैंडलिंग एवं ट्रांसपोर्टेशन किटाणुनाशन, प्रधूमन के क्षेत्र में भी सेवाएं प्रदान करता है। यह वेअरहाउसिंद इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए विभिन्न एजेंसियों को परामर्शी सेवाएं / प्रशिक्षण भी प्रदान करता है।

 

केन्द्रीय भंडारण निगम के सहयोगी के रूप में 19 राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूसी) हैं। केन्द्रीय भंडारण निगम के राज्य भंडारण निगम की इक्विटी में 50% शेयरधारक हैं। केन्द्रीय भंडारण निगम का राज्य भंडारण निगम में कुल निवेश 61.79 करोड़ रूपये है। राज्य भंडारण निगम दिनांक 01.12.2022 को कुल 511.55 लाख मी.टन भंडारण क्षमता के 2170 वेअरहाउस चला रहा है। (26.89 लाख मी.टन प्रबंधन क्षमता सहित)

 

अधिक जानकारी के लिए देखें-

 

(a) वेबसाइट :- www.cewacor.nic.in

(b) ट्विटर :-  https://twitter.com/cwc_warehouse

(c) फेसबुक :-  https://www.facebook.com/CWCwarehouse

(d) कू :-  https://www.kooapp.com/profile/CWC

(e) यू ट्यूब :- https://www.youtube.com/channel/UC_oAw2M_cL_-NWUt3GV4FVQ

  

 

 

सेंट्रल रेलसाइड वेअरहाउस कंपनी लिमिटेड (सीआरडब्लूसी)

 

सेंट्रल रेलसाइड वेअरहाउस कंपनी लिमिटेड (सीआरडब्लूसी) एक मिनी-रत्न, श्रेणी-II, सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जिसका गठन कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत 10.07.2007 किया गया था।  सीआरडब्लूसी  को 2019 में एमएसएमई अधिनियम 2006  के अंतर्गत मध्यम स्तर के उद्यम के रूप में भी पंजीकृत किया गया है। कंपनी रेल मंत्रालय, भारत सरकार के साथ हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत पूरे भारत में रेलसाइड वेअरहाउस परिसरों का निर्माण और प्रबंधन किया जाता है।

 

सीआरडब्लूसी की अधिकृत तथा प्रदत्त पूंजी क्रमशः रुपये  150 करोड़ और 40.56 करोड़ है। संपूर्ण प्रदत्त शेयर पूंजी वर्तमान में केंद्रीय भंडारण निगम के पास है। 

 

जून 2021 में, कैबिनेट ने सीडब्ल्यूसी के साथ सीआरडब्ल्यूसी के विलय को मंजूरी दे दी है और इसे  स्लम्प सेल के माध्यम से सभी संपत्तियों और देनदारियों को स्थानांतरित करने के माध्यम से लागू किया गया है। दिनांक 28.10.2022 के बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट के तहत स्लम्प सेल ट्रांजैक्शन द्वारा कंपनी के बिजनेस डिवीजन को सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को ट्रांसफर कर दिया गया है। स्लम बिक्री के बाद सीडब्ल्यूसी में एक अलग आरडब्ल्यूसी डिवीजन बनाया गया है। .

 

आरडब्लूसी विभाग के पास 20 रेलसाइड वेअरहाउस परिसर हैं जिनकी कुल परिचालन क्षमता 3.55 लाख मी.टन. और दर क्षमता 2.59 लाख मी.टन. है तथा 29 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले तीन और रेलसाइड वेयरहाउस कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन हैं, जिनके 2023 में पूरा होने की संभावना है।

 

रेल मंत्रालय ने अपने पत्र संख्या 2012/टीसी(एफएम)/23/09 दिनांक 08.04.2022 द्वारा रेलसाइड वेअरहाउस परिसरों के विकास हेतु निम्नलिखित स्थानों को मंजूरी दी है जिस पर वेअरहाउस/ गुड-शेड बनाने का कार्य आरम्भ/ विचाराधीन हैं।

(i)    नंदगंज, वाराणसी, यूपी

(ii)    चरियाली, असम

(iii)   जगन्नाथपुर, उड़ीसा

(iv)   कटक, उड़ीसा

(v)    चंगड़ा बाँध, पश्चिम बंगाल

(vii   हासीमारा, पश्चिम बंगाल

(vii)   जिरानिया, त्रिपुरा

 

इसके अतिरिक्त, केआरसीएल के साथ एक अन्य समझौता ज्ञापन पर दिनांक 04.03.2022 को विभिन्न रेलवे स्टेशनों/गुडशेड के साथ-साथ अन्य स्थानों पर (गुड-शेड/निकटवर्ती क्षेत्र के भीतर)  अपने ग्राहकों की लॉजिस्टिक्स आवश्यकता को पूरा करने तथा बेहतर सेवाएं प्रदान करने  हेतु केआरसीएल के स्वामित्व और नियंत्रण वाली भूमि पर गुडशेड और रेलसाइड वेअरहाउस परिसरों  (आरडब्लूसी)  के विकास और रखरखाव के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। 

 

केआरसीएल के अंतर्गत निम्न 10 स्थानों पर वेअरहाउस/ गुड-शेड बनाने का कार्य आरम्भ/ विचाराधीन हैं।  स्थानों की सूची इस प्रकार है :

  1. चिपलून, महाराष्ट्र
  2. रत्नागिरी, महाराष्ट्र,
  3. जराप, महाराष्ट्र
  4. खेड़, महाराष्ट्र
  5. वर्ना, गोवा
  6. कारवार, कर्नाटक
  7. उडुपी, कर्नाटक
  8. थोकुर, कर्नाटक
  9. सुरथकल, कर्नाटक
  10. इंदापुर, महाराष्ट्र

 

अरुणाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड (एपीएएमबी), के साथ समझौता ज्ञापन के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश सरकार के तीन जिलों में निचला सुबनसिरी, चांगलांग और लोहित फार्म गेट लॉजिस्टिक्स की स्थापना के लिए, सीआरडब्लूसी को परियोजना के कार्यान्वयन एवं पूंजी निवेश हेतु एपीएएमबी से 1.50 करोड़ प्राप्त हुए हैं। परियोजना कार्यान्वयन के अधीन है।