• पिछला अद्यतनीकृतः: 05 नवम्बर 2020
  • मुख्य सामग्री पर जाएं | स्क्रीन रीडर का उपयोग | A A+ A++ | |
  • A
  • A

स्टील साईलोज का निर्माण

सरकार देश में उत्पादन और उपभोग करने वाले सभी क्षेत्रों में 100 लाख टन क्षमता के स्टील साईलो के निर्माण के लिए एक कार्य योजना कार्यान्वित कर रही है।

बल्क हैंडलिंग सुविधा युक्त स्टील साईलो खाद्यान्नों के थोक भंडारण का अत्यधिक यंत्रीकृत एवं आधुनिक तरीका है। साईलो में खाद्यान्नों का न केवल बेहतर परिरक्षण सुनिश्चित किया जाता है,बल्कि उनके जीवन काल (शेल्फ लाइफ) में भी वृद्धि की जाती है। साईलो में भंडारण में रखे गए खाद्यान्नों का थोक परिवहन किया जाता है;इस प्रकार चोरी और ऊठाईगीरी से होने वाले नुकसान को न्यूनतम रखा जाता है। साईलो के लिए पारम्परिक भंडारण वेयरहाऊसों की तुलना में भूमि लगभग एक-तिहाई अपेक्षित होती है और इसे दिन-रात प्रचलित किया जा सकता है, जो सुविधाजनक होता है और इससे खाद्यान्नों के भंडारण, हैंडलिंग और ढुलाई की समग्र कार्य क्षमता में वृद्धि होती है। इस प्रकार, एक कार्य कुशल खाद्य आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली के निर्माण के लिए साईलो का निर्माण करना करना पूरे देश के लिए लाभदायक होगा।

भंडारण सुविधाओं के आधुनिकीकरण और स्टील साईलो के निर्माण की प्रगति (दिनांक 14.10.2020की स्थिति के अनुसार) निम्नानुसार है:-

निर्माणकिएगएसाईलो : 8.25लाखटन* (16 स्थानोंपर)

निर्माणचलरहाहै: 9.00 लाखटन (18स्थानोंपर)

आगेकार्यसौंपागयाहै : 11.50लाखटन (23स्थानोंपर)

निविदाकार्रवाईकीजारहीहै/राज्य सरकारों को सोंपी गयी क्षमता : 3.50लाख टन (6स्थानोंपर)

हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत उचस्तरीयसमितिद्वाराअनुमोदितस्थान : 35.875 लाखटन

स्थानों को चिन्हित किया जाना है: 16.775लाखटन

पायलट परियोजना के पूरे होने के पश्चात कार्यान्वित किए जाने वाले चावलके साईलो:15.10लाखटन

योग : 100.00 लाखटन

*पटियाला में 0.50 लाख टन क्षमता और संगरूर में 1.00 लाख टन क्षमता के रेल्वे सीडिंग रहित साइलो में कार्य शुरू कर दिया गया है।

बिहारमेंकैमूरतथाबक्सरमेंचावलसाईलोकेनिर्माणहेतुपाइलटपरियोजनाएंशुरूकीगईहैं।